Sunday, 15 June 2014

शिक्षिकाओं को मिलेगी मन माफिक तैनाती

भरना होगा पांच स्कूलों का विकल्प

परिषदीय स्कूलों की शिक्षिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें मनचाही तैनाती दी जाएगी। तैनाती ऐसे स्कूलों में दी जाएगी जहां से उन्हें आने-जाने में सहूलियत हो।

इसके लिए शिक्षिकाओं से सड़क के किनारे वाले स्कूलों का विकल्प लिया जाएगा। जल्द ही बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत निर्देश भेजने की तैयारी है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी महिलाओं को तैनाती देने से पहले उन्हें तीन से पांच स्कूलों का विकल्प मांगने के लिए खाली स्थानों वाले स्कूलों की सूची दी जाएगी।

महिलाएं इसके आधार पर अपना विकल्प देंगी। वे जो विकल्प देंगी उसके आधार पर ही उन्हें तैनाती दी जाएगी। 
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Saturday, 14 June 2014

विज्ञान, गणित अध्यापक के 29334 पदों पर होगी नियुक्ति, विशेष अपील खारिज


इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों के पद दो माह के भीतर भरे जाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध दाखिल विशेष अपील खारिज कर दी गई है। मामला विज्ञान और गणित के 29334 पदों पर नियुक्तियों का है। न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने 29 मई 2014 को प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि इन पदों पर नियुक्तियां दो माह के भीतर कर ली जाएं। इस आदेश को आलोक कुमार दीक्षित ने विशेष अपील में चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरएसआर मौर्या की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि एकल न्यायपीठ के आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं दिख रहा इसलिए इसे खारिज कर दिया गया।
गणित और विज्ञान के 29334 पदों के लिए नियुक्ति का शासनादेश 11 जुलाई 2013 को जारी किया गया था। अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के 16 वें संशोधन को आधार बनाकर बेसिक शिक्षा प्रिरषद ने 29 अगस्त से 11 अक्तूबर 2013 के बीच इन पदों के लिए आवेदन मांगे। पूर्व में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पद प्रमोशन के आधार पर भरे जाते थे। प्राइमरी से प्रोन्नत शिक्षकों को उच्च प्राथमिक में जिम्मेदारी दी जाती थी लेकिन गणित, विज्ञान के लिए योग्य शिक्षक न मिलने की स्थिति में अलग से नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। बाद में नवंबर में हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। 29 मई को हाईकोर्ट ने फिर से आदेश जारी किया कि दो माह के भीतर इन पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएं, साथ ही शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करा दिया जाए। इसी आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई थी लेकिन न्यायालय ने साफ कर दिया कि पूर्व आदेश प्रभावी रहेगा, नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जाएगी।

पहली टीईटी में पास को नौकरी नहीं, चौथे की तैयारी


इलाहाबाद। प्रदेश के सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2014 के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी टीईटी 2014 के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन की तैयारी में जुटी हैं। इसे शीघ्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा। परीक्षा नवंबर-दिसंबर में कराने की तैयारी है। सरकार एक ओर जहां चौथी बार टीईटी कराने की तैयारी में तो पहली बार 2011 में टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थियों को ही नौकरी का इंतजार है। इसके बाद 2012 एवं 2013 में टीईटी पास करने वालों को नौकरी कब मिलेगी, इसको लेकर सरकार के पास जवाब नहीं है। तीन बार टीईटी पास किसी भी अभ्यर्थी को नौकरी नहीं मिल सकी है।
प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती के लिए 2010-11 में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराई गई थी। पहली बार टीईटी पास होने वाले अभ्यर्थियों को तीन साल बाद भी नौकरी नहीं मिल सकी है। 2011 में प्रदेश सरकार ने टीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए 72825 पदों की घोषणा की थी। टीईटी 2011 के विवादों में होने के कारण ही सरकार एवं कोर्ट की ओर से बार-बार आदेशों केबाद भी शिक्षक भर्ती पूरी नहीं हो सकी है। इसके लिए सरकार को एनसीटीई से भी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह करना पड़ा था।
प्रदेश शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप दो महीने के भीतर मई के अंतिम सप्ताह में भी भर्ती पूरी करनी थी। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश सरकार इन पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकी है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस भर्ती को लेकर तैयारी की सूचना है। अब तो आलम यह है कि सरकार की ओर से इन पदों को चाहे जो तैयारी कर ली जाए, नए शैक्षिक सत्र में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षक नहीं मिल सकेंगे। टीईटी पास अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पहले 2011, 12 और 13 के सफल अभ्यर्थियों को नौकरी देने की मांग की है।

Friday, 13 June 2014

सहायक अध्यापक भर्ती निर्देश के खिलाफ अपील खारिज


जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के सीनियर पदों की भर्ती प्रक्रिया दो माह में पूरी करने तथा नए सत्र में अध्यापकों की तैनाती करने के एकल न्यायपीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के आदेश पर यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है कि प्रश्नगत आदेश पर हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है।
यह आदेश न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति आरएसआर मौर्या की खण्डपीठ ने आलोक कुमार दीक्षित की विशेष अपील पर दिया है। एकल न्यायपीठ ने कहा था कि प्राइमरी शिक्षा मूल अधिकार में शामिल है। अध्यापकों के हजारों पद खाली हैं। यह राज्यहित में है कि शिक्षकों के खाली पद भरे जाएं।

प्रदेश में बढ़ गईं बीटीसी की 300 सीटें

प्रदेश में बीटीसी की 300 सीटें और बढ़ गई हैं। गुरुवार को राज्य स्तरीय समिति की बैठक में 133 निजी बीटीसी कॉलेजों की संबद्धता देने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 60 कॉलेजों को संबद्धता प्रदान कर दी गई है। 

ये कॉलेज वर्तमान सत्र से ही बीटीसी के दाखिले ले सकेंगे। 36 कॉलेज ऐसे थे जिनके मानक पूरे नहीं थे। इसलिए इन्हें मान्यता नहीं दी गई। 

12 कॉलेजों को फिर से मानक पूरे करने के लिए समय दिया गया है। जबकि एक कॉलेज ऐसा था जिसके मानक पूरे न होने से उसकी मान्यता वापस ले ली गई।

Wednesday, 11 June 2014

पुराने विज्ञापन के आधार पर हो रही भर्ती


सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जून के अंत तक 72,825 शिक्षकों की भर्ती हो जाएगी लेकिन अभी भी प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसका कारण पुराने विज्ञापन के आधार पर शिक्षकों की भर्ती होना है।

राजधानी में मंगलवार को लक्ष्मण मेला मैदान पर बड़ी संख्या में एकत्र बीएड 2012 के अभ्यर्थियों ने बैठक कर नियुक्ति की मांग को लेकर रणनीति बनाई।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नरेंद्र यादव ने बताया कि इन लोगों ने वर्ष 2012 को प्राइमरी शिक्षकों के 72825 पदों के लिए आवेदन किया था।

मगर अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुपालन में सरकार द्वारा पुराने विज्ञापन से भर्ती प्रक्रिया होने जा रही है। जिससे इन स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में है।

केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर खुलेंगे मॉडल स्कूल


प्रदेश में केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर नए मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। 148 मॉडल स्कूलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

45 स्कूलों के निर्माण के लिए जिला परियोजना कार्यालयों को प्रति विद्यालय 150.75 लाख रुपये राशि उपलब्ध करा दी गई है।

वर्ष 2013-14 के लिए 81 मॉडल स्कूलों की मंजूरी भारत सरकार से प्राप्त हो गई है। यह जानकारी प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री इकबाल महमूद ने दी।

इकबाल महमूद ने बताया कि प्रदेश के पिछड़े हुए विकास खंडों में केंद्रीय विद्यालयों के पैटर्न पर नवीन मॉडल स्कूलों की स्थापना के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में केंद्र एवं राज्य का अंश क्रमश: 75:25 प्रतिशत है।

इन विद्यालयों में आवश्यक सामग्री, उपकरण तथा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। विज्ञान, गणित तथा अंग्रेजी शिक्षण के अतिरिक्त कला, संगीत एवं सॉफ्ट-स्किल्स तथा व्यक्तित्व विकास पर बल दिया जाएगा।

कंप्यूटर ऐडेड शिक्षा भी दी जाएगी। मॉडल स्कूल योजना के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2010-11 में 148 मॉडल स्कूल स्वीकृत किए थे। इनके निर्माण कार्य के लिए शत-प्रतिशत राशि प्राप्त हो चुकी है।

Monday, 9 June 2014

शिक्षा विभाग के बाबूओं पर‌ गिरेगी गाज

मंत्रियों, अफसरों को ठिकाने लगाने के बाद अब प्रदेश सरकार की गाज शिक्षा विभाग के बाबूओं पर गिरने वाली है।

बताया जाता है कि शिक्षा विभाग में चल रहे बाबू राज को खत्म करने की तैयारी है। बाबू राज का आलम यह है कि वे अधिकारियों को काम नहीं करने देते हैं और जैसा चाहते हैं वैसा अपने हिसाब से कराते हैं।

प्रत्येक माह होने वाली समीक्षा बैठकों में शिक्षाधिकारी इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं। इसलिए अब विभाग बाबुओं के कॉकस को तोड़ना चाहता है।

वह चाहता है कि सालों से एक ही स्थान पर जमे बाबुओं को दूसरे जिलों में भेजा जाए ताकि अधिकारी स्वतंत्र होकर काम कर सकें।

BTC काउंसलिंग का आज अंतिम मौका



निजी कॉलेजों में बीटीसी की रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए काउंसलिंग का सोमवार को अंतिम मौका है। 

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इस संबंध में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों को इस संबंध में निर्देश भेज दिया है। 

उन्हें निर्देश दिया गया है कि काउंसलिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भरी और रिक्त सीटो का ब्यौरा शाम तक निदेशालय को उपलब्ध करा दिया जाए। 

एससीईआरटी ने निजी कॉलेजों की रिक्त करीब 11,000 सीटों पर दाखिले से पहले 2 जून तक काउंसलिंग का मौका दिया था, लेकिन सीटों न भरने पर यह अवधि 9 जून तक बढ़ा दी गई।

42 जिलों में 141 गर्ल्स हॉस्टल बनेंगे


प्रदेश में स्कूली शिक्षा ग्रहण करने वाली गरीब छात्राओं को रहने और खाने की मुफ्त सुविधा मुहैया कराने के लिए हॉस्टल खोले जाएंगे।

पहले चरण में प्रदेश के 42 जिलों में 141 गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्रत्येक हॉस्टल में 100 छात्राएं रह सकेंगी।

एक हॉस्टल पर 1.32 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनका निर्माण जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। इसमें अगले सत्र 2015-16 से दाखिला दिलाए जाने की योजना है।

केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इंटर तक की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र देता है और राज्य सरकार को 10 फीसदी खर्च करना होता है

Thursday, 5 June 2014

हाईकोर्ट ने दिया आदेश

राज्य सरकार पहली बार जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान व गणित के शिक्षकों की सीधी भर्ती करना चाहती है। इन विषयों के 29,334 शिक्षकों की भर्ती होनी है।

बेसिक शिक्षा परिषद ने हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षकों की भर्ती के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजते हुए दिशा-निर्देश मांगा है।

हालांकि, सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार छह दिन के अवकाश पर हैं और वह अपना चार्ज विशेष सचिव को दे गए हैं। इसलिए उनके आने के बाद ही इस पर निर्णय होने की संभावना है।
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नए सत्र में नहीं मिलेंगी बदले कोर्स की किताबें

इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र में भी पुराने कोर्स की किताबें पढ़ाई जाएंगी। शासन के निर्देश पर 2013 में परिषदीय विद्यालयों की हिन्दी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी की पुस्तकों को अपग्रेड करने के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाकर उनमें सुधार के लिए सुझाव मांगे गए थे। पाठ्यक्रम को अपग्रेड करने की जिम्मेदारी राज्य शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश को सौंपी गई थी। संस्थान के विशेषज्ञों की टीम ने कोर्स में बदलाव करके छोटे बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा से जोड़ने का सुझाव दिया था।
पाठ्यक्रम में बदलाव करने की सिफारिश राज्य शिक्षा संस्थान की ओर से तत्कालीन बेसिक शिक्षा सचिव सुनील कुमार को सौंप दी गई थी। उनके हटते ही पाठ्यक्रम में बदलाव की पहल ठंडे बस्ते में चली गई। राज्य शिक्षा संस्थान की ओर से तैयार नए पाठ्यक्रम में छात्रों को इस दौरान व्यवहारिक जानकारी से जोड़ने के साथ ही उन्हें विकास की जानकारी देने की सिफारिश की गई है। इस दौरान छात्रों को उनकी जिम्मेदारी से जोड़ने और कार्यस्थल पर शिक्षक के कर्तव्यों की जानकारी देने का सुझाव शामिल है। छात्रों को अपने यूनिफार्म की सफाई और दिन प्रतिदिन के ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ साइकिल, बाइक, ट्रेन और हवाई जहाज के बारे में जानकारी देने का सुझाव दिया गया है। राज्य शिक्षा संस्थान भी इन दिनों में मुखिया विहीन चल रहा है। ऐसे में बदले कोर्स के अनुसार किताबें लागू करने की तैयारी पीछे चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर से सरकार की ओर से पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर पुस्तकें छापकर उन्हें आगामी शैक्षिक सत्र में पढ़ाने की तैयारी में है।