Thursday, 5 June 2014

नए सत्र में नहीं मिलेंगी बदले कोर्स की किताबें

इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र में भी पुराने कोर्स की किताबें पढ़ाई जाएंगी। शासन के निर्देश पर 2013 में परिषदीय विद्यालयों की हिन्दी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी की पुस्तकों को अपग्रेड करने के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाकर उनमें सुधार के लिए सुझाव मांगे गए थे। पाठ्यक्रम को अपग्रेड करने की जिम्मेदारी राज्य शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश को सौंपी गई थी। संस्थान के विशेषज्ञों की टीम ने कोर्स में बदलाव करके छोटे बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा से जोड़ने का सुझाव दिया था।
पाठ्यक्रम में बदलाव करने की सिफारिश राज्य शिक्षा संस्थान की ओर से तत्कालीन बेसिक शिक्षा सचिव सुनील कुमार को सौंप दी गई थी। उनके हटते ही पाठ्यक्रम में बदलाव की पहल ठंडे बस्ते में चली गई। राज्य शिक्षा संस्थान की ओर से तैयार नए पाठ्यक्रम में छात्रों को इस दौरान व्यवहारिक जानकारी से जोड़ने के साथ ही उन्हें विकास की जानकारी देने की सिफारिश की गई है। इस दौरान छात्रों को उनकी जिम्मेदारी से जोड़ने और कार्यस्थल पर शिक्षक के कर्तव्यों की जानकारी देने का सुझाव शामिल है। छात्रों को अपने यूनिफार्म की सफाई और दिन प्रतिदिन के ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ साइकिल, बाइक, ट्रेन और हवाई जहाज के बारे में जानकारी देने का सुझाव दिया गया है। राज्य शिक्षा संस्थान भी इन दिनों में मुखिया विहीन चल रहा है। ऐसे में बदले कोर्स के अनुसार किताबें लागू करने की तैयारी पीछे चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर से सरकार की ओर से पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर पुस्तकें छापकर उन्हें आगामी शैक्षिक सत्र में पढ़ाने की तैयारी में है।

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